Sunday, 20 August 2017

डेवलपमेंट


डेवलपमेंट 

बाबूजी बोले, 
बेटा जीवन में पेड़ की तरह बने रहना 
हर मुसीबत में तने रहना । 
बेटा बोला , पेड़ तो हम बन जायेंगे 
पर जीने के लिए 
धुप, हवा और पानी कहाँ से लाएंगे !
बिल्डिंग और मोटरों से जगह इतना तंग हो गया 
कि मेरा खड़ा रहना भी एक गम हो गया। 
गांव में जितना जानवरों से डर नहीं था 
उससे ज्यादा यहाँ  इंसानो से डर  है। 
कब, कौन, किधर से आएगा ?
हमे मारकर 
हमारे कब्र पर डेवलपमेंट का बोर्ड लगा जायेगा !

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